(स्वयं से स्वयं का संकल्प)
मैं, भारत का एक सजग नागरिक, आज इस गणतंत्र दिवस पर साक्षी भाव से यह प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि:
* रिश्तों का गणतंत्र: मैं अपने घर को पहला गणतंत्र मानूँगा/मानूँगी। मैं परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की दीवारों को गिराकर प्रेम और समझ का वातावरण निर्मित करूँगा/करूँगी।
* बुजुर्गों का सम्मान: मैं उन माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहूँगा/रहूँगी जिन्होंने मुझे जीवन और संस्कार दिए। वृद्धाश्रमों के कलंक को मिटाने की शुरुआत मैं अपने घर से करूँगा/करूँगी।
* संवाद की गूँज: मैं केवल अपनी बात सुनाने के बजाय दूसरों को धैर्यपूर्वक सुनने का गुण विकसित करूँगा/करूँगी, ताकि मेरे घर और समाज में अमानवीय मौन का अंत हो सके।
* दिखावे का त्याग: मेरी देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने या नारों तक सीमित नहीं रहेगी। मैं अपने आचरण, ईमानदारी और नियमों के पालन के माध्यम से वास्तविक राष्ट्रवाद को जीऊँगा/जीऊँगी।
* सफलता पर हर्ष: मैं अपने किसी भी संबंधी या परिचित की सफलता पर ईर्ष्या करने के स्थान पर उसे अपनी जीत मानकर हृदय से उसका अभिनंदन करूँगा/करूँगी।
* नागरिक कर्तव्य: मैं केवल अधिकारों की मांग नहीं करूँगा/करूँगी, बल्कि स्वच्छता, जल संरक्षण और यातायात के नियमों का पालन करके अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करूँगा/करूँगी।
यही मेरी राष्ट्रभक्ति है और यही मेरे गणतंत्र का वास्तविक उत्सव है।
स्थान: ……………………..
दिनांक: ……………………..
हस्ताक्षर: ……………………..


Total Users : 14452
Add Comment